"वो शख्स  जो गिरफ्तार है" - कुमार हरीश
"अब ऐसे राम पैदा नहीँ होते !" - कुमार हरीश
कहीं  घरों   में  दाल  नही   है, रोटी के भी लाले  है। Hindi Poetry By Kumar Harish
प्रश्न चिन्ह ?  एक  प्रेरणादायक कविता ( Prashnchinha? A Motivational Poem )
 क्योंकि तुम मजदूर हो ! ( लोकडाउन की पीड़ा )
Din Bhi Mere Raat Se Tanha Hai I दिन भी मेरे रात से तन्हा है
Uski Aawaj Me Dard Tha I उसकी आवाज में दर्द था